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Thode Door Thode Paas Web Series Season 1 Review: एक सिंपल लेकिन दिल छू लेने वाली फैमिली स्टोरी!

डिजिटल लाइफ से घिरे इस दौर में जहां हर इंसान मोबाइल में बिज़ी है, वहीं Zee5 पर आई नई वेब सीरीज “थोड़े दूर थोड़े पास” एक ताज़ा हवा की तरह महसूस होती है।

7 नवंबर 2025 को रिलीज हुई यह फैमिली ड्रामा सीरीज दर्शकों को आधुनिक लाइफस्टाइल और फैमिली बॉन्डिंग के बीच की दूरी दिखाती है। इसके चलते लोग Thode Door Thode Paas Web Series Season 1 Review ऑनलाइन खूब सर्च कर रहे हैं, ताकि जान सकें कि यह सीरीज देखने लायक है या नहीं।

सीरीज में सिर्फ 5 एपिसोड हैं, हर एपिसोड लगभग 30 मिनट का है, और कहानी इतनी हल्की व दिल को छूने वाली है कि इसे बिना ब्रेक के आसानी से देखा जा सकता है।

Thode Door Thode Paas Web Series Season 1 Review

कहानी: Thode Door Thode Paas Web Series Season 1 Review

सीरीज की कहानी मेहता परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मुंबई में रहता है। घर में सभी लोग फोन, सोशल मीडिया और काम में इतने खोए हुए हैं कि एक-दूसरे से बात करने का समय ही नहीं बचता। तभी लौटते हैं दादाजी (पंकज कपूर), जो अपनी फैमिली को एक बड़ा चैलेंज देते हैं — 6 महीने तक बिना मोबाइल और गैजेट्स के रहना

इस चैलेंज के साथ वे परिवार को एक बड़ा लालच भी देते हैं – 1 करोड़ रुपये का इनाम। शुरुआत में घर में हंगामा मच जाता है। बेटा (कुनाल रॉय कपूर) ऑफिस का काम बिना फोन के मैनेज नहीं कर पाता, बच्चे गेमिंग छोड़ने से परेशान, और बहू सिमरन (मोना सिंह) घर और काम के बीच बैलेंस बनाने में उलझ जाती है।

लेकिन धीरे-धीरे सब एक-दूसरे से बात करने लगते हैं, पुराने किस्से सुनाते हैं, साथ में खाना खाते हैं, हंसते हैं। यह बदलाव बहुत रियल लगता है और इमोशन को अच्छे से पकड़ता है।

Thode Door Thode Paas Web Series Season 1 Review

डायरेक्टर अजय भुयान ने कहानी को स्लो लेकिन ईमानदारी से दिखाया है। हालांकि कुछ जगहों पर प्लॉट ज़रूर ओवर-इमोशनल लगता है, जैसे पूरी फैमिली का 6 महीने फोन छोड़ देना थोड़ा कठिन और अवास्तविक लगता है।

कास्ट: दिल को छू लेने वाली एक्टिंग

सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसकी कास्ट है। पंकज कपूर ने दादाजी का किरदार इतनी सादगी और गहराई से निभाया है कि वे शो की जान बन जाते हैं। उनका सख्त लेकिन दिल से नर्म किरदार हर सीन में चमकता है।

मोना सिंह एकदम नैचुरल नजर आती हैं। उनका रोल एक ऐसी बहू का है जो सबको जोड़कर रखना चाहती है। ह्यूमर और इमोशन दोनों जगह उनकी एक्टिंग बेहतरीन है।

कुनाल रॉय कपूर ने कॉर्पोरेट लाइफ में फंसे बेटे का किरदार अच्छी तरह निभाया है। उनका स्क्रीन टाइम थोड़ा कम है, लेकिन जहां-जहां दिखाई देते हैं, कहानी को मजबूत करते हैं।

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बच्चों सहित बाकी सपोर्टिंग कास्ट — आयशा कडस्कर, सरताज कक्कड़, अलका अमीन — सभी ने अपनी भूमिकाएं ईमानदारी से निभाई हैं।

क्या अच्छा लगा और क्या नहीं?

Strength

  • छोटी सीरीज, जिसे आसानी से एक वीकेंड में देखा जा सकता है
  • फैमिली बॉन्डिंग पर मजबूत मैसेज
  • इमोशंस और ह्यूमर का अच्छा बैलेंस
  • कास्ट की शानदार परफॉर्मेंस
  • ऐसा कंटेंट जिसे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सकता है

Weakness

  • कुछ एपिसोड थोड़े स्लो लगते हैं
  • डिजिटल डिटॉक्स वाला आइडिया थोड़ा आदर्शवादी लगता है
  • गहराई कम है, कई सीन प्रेडिक्टेबल लगते हैं

फिर भी, कुल मिलाकर सीरीज अपनी सिंपल स्टोरी और दिल छू लेने वाले पलों के कारण पसंद की जा रही है। IMDb पर इसे 8+ रेटिंग मिलना दर्शाता है कि यह दर्शकों को कनेक्ट कर रही है।

Verdict: देखें या स्किप करें?

अगर आप एक हल्की-फुल्की, इमोशनल और फैमिली-फ्रेंडली सीरीज देखना चाहते हैं, तो “थोड़े दूर थोड़े पास” एक अच्छी चॉइस है। यह सीरीज उन लोगों को खास तौर पर पसंद आएगी जो स्मार्टफोन की वजह से फैमिली टाइम मिस कर रहे हैं।

Thode Door Thode Paas Web Series Season 1 Review कहता है — यह शो सुपर ग्रेट नहीं है, लेकिन दिल को छू लेता है।

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