भारत में खो-खो सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि गांवों से लेकर बड़े शहरों तक की पहचान है। तेजी, ताकत और टीमवर्क पर आधारित यह खेल अब स्कूल, कॉलेज और राज्य स्तर पर पहले से कहीं ज्यादा लोकप्रिय हो चुका है। इसी वजह से युवा खिलाड़ियों में यह सवाल तेजी से बढ़ रहा है कि आखिर How To Check Kho Kho Eligibility Trials और कौन-कौन सी शर्तें पूरी करनी होंगी।
2025 के नए सीजन की घोषणा के बाद कई राज्यों में ट्रायल्स शुरू हो गए हैं। लेकिन सही जानकारी न होने की वजह से बहुत-से खिलाड़ी मौका गंवा देते हैं। यहां हम आपको पूरी आसान, साफ और स्टेप-बाय-स्टेप गाइड दे रहे हैं, ताकि आप बिना किसी परेशानी के खो-खो ट्रायल्स की पात्रता जांच सकें।

उम्र और कैटेगरी
खो-खो ट्रायल्स अलग-अलग उम्र वर्ग में होते हैं। आपको अपनी कैटेगरी पता होनी चाहिए:
- U-14: 11–14 साल
- U-17: 14–17 साल
- U-19: 15–19 साल
- सीनियर: 19–35 साल
- मास्टर्स: 35 साल से ऊपर
अगर आप U-19 कैटेगरी में जाना चाहते हैं, तो आपकी उम्र 15 से 19 साल के बीच होनी जरूरी है। राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) अनिवार्य माना जाता है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन खो-खो (FIKK) उम्र की जांच को लेकर काफी सख्त है। गलत उम्र बताने पर तुरंत डिसक्वालिफाई कर दिया जाता है।
शारीरिक फिटनेस और ऊंचाई–वजन की शर्तें
खो-खो में स्पीड सबसे अहम होती है। इसलिए फिटनेस की शर्तें भी सख्त हैं।
लड़कों के लिए:
- न्यूनतम ऊंचाई: 5 फीट 4 इंच
- वजन: 50–70 किलोग्राम
लड़कियों के लिए:
- न्यूनतम ऊंचाई: 5 फीट
- वजन: 45–60 किलोग्राम
इसके अलावा ट्रायल के दौरान ये फिटनेस टेस्ट लिए जाते हैं:
- 100 मीटर दौड़: 14 सेकंड के अंदर
- पुश-अप्स: 30 या उससे ज्यादा
- सिट-अप्स: 40+
- डॉजिंग: लगातार 20 बार
- स्पीड रन: आगे–पीछे तेजी से दौड़
अगर किसी खिलाड़ी को चोट हो या मोटापा ज्यादा हो, तो वह पहले ही राउंड में बाहर हो सकता है। इसलिए ट्रायल से कम से कम 2–3 महीने पहले अभ्यास शुरू करें।
मेडिकल और डॉक्यूमेंट चेक
ट्रायल्स में भाग लेने से पहले मेडिकल फिटनेस अनिवार्य है। आपको डॉक्टर से एक मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा जिसमें लिखा हो:
- हृदय और फेफड़े ठीक
- कोई पुरानी बीमारी नहीं
- हड्डियां मजबूत
- खेल के लिए फिट
आवश्यक डॉक्यूमेंट्स:
- आधार कार्ड
- जन्म प्रमाण पत्र
- स्कूल/कॉलेज आईडी
- दो पासपोर्ट फोटो
- डोमिसाइल (राज्य निवास प्रमाण पत्र)
FIKK के अनुसार लड़कियों को कभी-कभी अलग मेडिकल क्लीयरेंस लिया जाता है, जो राज्य पर निर्भर करता है।
How To Check Kho Kho Eligibility Trials?
अगर आप जानना चाहते हैं कि How To Check Kho Kho Eligibility Trials, तो सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करें।
- अपने राज्य की खो-खो एसोसिएशन की वेबसाइट खोलें. जैसे: UP Kho Kho Association, Maharashtra Kho Kho Association
- खेलो इंडिया ऐप डाउनलोड करें और खेल सेक्शन में “Kho Kho Trials” चेक करें
- ऑनलाइन फॉर्म भरें
- डॉक्यूमेंट अपलोड करें और ₹200–500 फीस जमा करें
- कन्फर्मेशन SMS या ईमेल आएगा
- तय तारीख पर ट्रायल स्थल (स्टेडियम/स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) पर समय से पहुंचें
- चयन होने पर राज्य कैंप में भाग लें
- राष्ट्रीय ट्रायल्स हर साल सितंबर में होती हैं
जिला स्तर के ट्रायल्स अक्सर जनवरी–मार्च के बीच होते हैं। सबसे पहले जिला स्तर से शुरुआत करनी चाहिए।
ट्रायल तैयारी: इन बातों को ध्यान में रखें
- रोज 2 घंटे अभ्यास करें
- स्पीड रन, डॉजिंग और चेजिंग पर मेहनत करें
- कोच की सलाह लें
- पानी पर्याप्त पिएं
- तनाव न लें
- ट्रायल स्थल पर कम से कम 1 घंटा पहले पहुंचें
कई सफल खिलाड़ियों का कहना है कि नियमित अभ्यास और अनुशासन से राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना संभव है। बिहार के कई खिलाड़ी U-19 नेशनल जीतकर प्रो-कबड्डी और खेलो इंडिया में जगह बना चुके हैं।
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कहां से मिलेगी लेटेस्ट जानकारी?
- FIKK वेबसाइट: khokhofederation.in
- FIKK हेल्पलाइन: 011-2335-1234
- खेलो इंडिया ऐप: ट्रायल्स की तारीख और वेन्यू अपडेट
2025 में महाराष्ट्र, यूपी, बिहार और कर्नाटक में सबसे ज्यादा ट्रायल्स होने वाले हैं।
